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Admission

निर्धारित आयु सीमा
1. आवेदक की आयु प्रवेश लेने वाले वर्ष में 1 अगस्त को 14 वर्ष से कम एवं 40 वर्ष स अधिक नहीं होनी चाहिए
2. विस्थापितों एवं भूतपूर्व सैनिकों/शहीद सैनिकों की विधवाओं की आयु सीमा 45 वर्ष तक शिथिल की जा सकेगी।

प्रवेश में आरक्षण

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में प्रवेश हेतु आरक्षण निम्नानुसार होगाः-

S.No. अ) वर्टिकल आरक्षणः- in %
1 अनुसूचित जाति 12%
2 अनुसूचित जनजाति 32%
3 अन्य पिछड़ा वर्ग 14%
(ब) हारीजेन्टल आरक्षणः-
1 अपंग आवेदकों के लिए 03
2 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र /पुत्री/पौत्र/पौत्री/नाती/नातिन/03%
3 सैनिक सैनिक/भूतपूर्वक सैनिक (उपलब्ध न होने पर उनके पुत्र/पुत्री) - 03 प्रतिशत (अधिकतम 10 स्थान )
4 विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों (चाहे वे रोजगार पक्ष से संबंधित हो अथवा प्रशिक्षण पक्ष से) के पुत्र अथवा पुत्रियों के लिए - 05 प्रतिशत
5 पंजीकृत अनाथालय में पलने वाले अनाथों के लिए - अधिकतम 3 स्थान ----

महिलाओं के लिये आरक्षण:
छत्तीसगढ़ की महिला नीति के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में 30 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए निम्न प्रावधान अनुसार आरक्षित किये गये हैः-
1. 30 प्रतिशत आरक्षण वर्टीकल एवं हाॅरिजेन्टल श्रेणी में होगा।
2. किसी भी वर्टीकल श्रेणी या उसके अंतर्गत हारिजेन्टल वर्ग में महिला उम्मीदवार उपलब्ध न होने पर उस श्रेणी वर्ग की पात्रता के पुरूष उम्मीदवार को प्रवेश दिया जावेगा, किन्तु महिलाओं के लिए आरक्षित स्थान अन्य श्रेणी/वर्ग में समायोजित नहीं किये जायेंगे।

जिले के आवेदकों के लिए आरक्षण:-
1. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के सभी केटेगरी में प्रावीण्यता के आधार पर प्रथमतया 50 प्रतिशत स्थान राज्य के आवेदकों से भरे जायेंगे उसके पश्चात शेष 50 प्रतिशत स्थान जिले के आवेदकों से भरें जायेंगे।
2. आरक्षित श्रेणी के लिए व्यवसाय में प्रवेश हेतु पात्र उम्मीदवार उपलब्ध न होने पर रिक्त स्थानों को नियमानुसार अन्य श्रेणी में परिवर्तित कर भरा जावेगा। अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिए आरक्षित रिक्त स्थान अनुसूचित जाति उम्मीदवारों से भरे जावेंगे। इसी प्रकार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रिक्त स्थान अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों से भरे जावेंगे। इन दोनो श्रेणियों के उम्मीदवार से भरा जावेगा। जब इन तीनो श्रेणियों के रिक्त स्थानों का अन्य पिछड़ी जाति श्रेणी के उम्मीदवार से भरा जावेगा। जब इन तीनो श्रेणियों के उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होंगे तब रिक्त स्थान सामान्य श्रेणी से भरें जायेंगे।

प्रवेश के समय देय शुल्क:-
1. शिक्षण शुल्क (केवल सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के आवेदकों के (अ) एकवर्षीय व्यसायों के लिए रूपये 1000/- (ब) दो वर्षीय व्यवसायों के लिए रूपये 2000/- (प्रशिक्षणार्थी प्रवेश के समय रूपये 1000/- जमाकर दूसरे वर्ष के अगस्त माह में रूपये 1000/- जमा कर सकता है) (अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आवेदकों को शिक्षण शुल्क में छूट दी गई है) 2. पेमेन्ट सीट में प्रवेश हेतु शिक्षण शुल्य के अतिरिक्त एकमुश्त लिये जाने वाला शुल्क (अ) एकवर्षीय व्यसायों के लिए रूपये 5000/- (ब) दो वर्षीय व्यवसायों के लिए रूपये 10000/- टीपः- संस्था में प्रवेश लेने के पश्चात यदि संस्था में वांछित व्यवसाय की प्रतीक्षा सूची में चयन होने पर प्रवेश हेतु पुनः शिक्षण शुल्क जमा नहीं करना पड़ेगा। प्रशिक्षण बीच में छोड़ने अथवा निष्कासन की स्थिति में शिक्षण शुल्क एवं पेमेन्ट सीट हेतु जमा किया गया शुल्क वापस नहीं किया जायेगा। 3. काशन मनी - रूपये 50/- (सभी आवेदकों के लिए) यह राशि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद लौटाई जा सकेगी । परन्तु यदि प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थी जानबूझकर साज समान गुम करता है या टूट फूट करता है तथा उसके लिए जिम्मेदार पाया जाता है अथवा बिना किसी ठोस कारण के प्रशिक्षण बीच में ही छोड़ देता है या निष्कासित किया जाता है तो यह राशि राजसात कर ली जायेगी। एक ही सत्र में दूसरे व्यवसाय में प्रवेश लेने पर पुनः काशनमनी जमा करनी होगी तथा पहले जमा की गई कशनमनी राजसात हो जायेगी गुम हुए या टूट फूट हुए सामग्री के मूल्य की पूर्ति यदि इस राशि से नहीं होता है तो शेष राशि अलग से वसूल की जायेगी। प्रशिक्षण सत्र समाप्ति के तीन वर्ष तक यदि वह राशि वापस नहीं ली सकी तो कि नियमानुसार यह राजसात हो जावेगी एवं राज्य कोषालय में जमा करा दी जायेगी। प्रवेष आवेदन के साथ लगाये जाने वाले प्रमाण पत्रों की जानकारी 1. उच्चतर माध्यमिक परीक्षा पुराना 11 वीं बोर्ड हाईस्कूल 10+2 के अंतर्गत परीक्षा उत्तीर्ण की अंकसूची। 2. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र शासन द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा दिया हुआ। 3. फिजिकल हैंडिकेप्ड अपंग आवेदकों को अपंगता प्रमाण पत्र पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा निर्धारित प्रपत्र में जिला मेडिकल बोर्ड अथवा अस्थि रोग विशेषज्ञ द्वारा दिया हुआ। 4. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अथवा उनके पुत्र/पुत्रियों/पौत्र/नाती/नातिन से संबंधित प्रमाण पत्र जिलाध्यक्ष द्वारा प्रदाय किया हुआ हो। इस नियम के प्रयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी से तात्पर्य यह है कि उसका नाम छत्तीसगढ़ राज्य के संबंधित जिले के कलेक्टरेट में रखी हुई सूची में पंजीकृत है। 5. भूतपूर्व सैनिक अथवा उस पर आश्रित पुत्र/पुत्री के प्रकरण में जिला सैनिक बोर्ड द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र। कार्यरत सैनिक अपने यूनिट के आफिसर कमाडिंग का प्रमाण पत्र देवें। 6. संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण के अधीनस्थ विभागीय कर्मचारी/अधिकारी के पुत्र/पुत्री होने का प्रमाण पत्र कार्यालय प्रमुख द्वारा जारी किया हो। 7. पंजीकृत अनाथ आश्रम का प्रमाण पत्र (जिलाध्यक्ष कार्यालय द्वारा जारी किया गया हो)। 8. महिलाओं के लिये आरक्षण निशुल्क: है | 9.विधवातलाकशुदा होने से संबंधित प्रमाण पत्र ।

प्रवेश आवेदन के साथ लगाये जाने वाले प्रमाण पत्र:-
1. उच्चतर माध्यमिक परीक्षा पुराना 11 वीं बोर्ड हाईस्कूल 10+2 के अंतर्गत परीक्षा उत्तीर्ण की अंकसूची।
2. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र शासन द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा दिया हुआ।
3. फिजिकल हैंडिकेप्ड अपंग आवेदकों को अपंगता प्रमाण पत्र पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा निर्धारित प्रपत्र में जिला मेडिकल बोर्ड अथवा अस्थि रोग विशेषज्ञ द्वारा दिया हुआ।
4. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अथवा उनके पुत्र/पुत्रियों/पौत्र/नाती/नातिन से संबंधित प्रमाण पत्र जिलाध्यक्ष द्वारा प्रदाय किया हुआ हो। इस नियम के प्रयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी से तात्पर्य यह है्र कि उसका नाम छत्तीसगढ़ राज्य के संबंधित जिले के कलेक्टरेट में रखी हुई सूची में पंजीकृत है।
5. भूतपूर्व सैनिक अथवा उस पर आश्रित पुत्र/पुत्री के प्रकरण में जिला सैनिक बोर्ड द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र। कार्यरत सैनिक अपने यूनिट के आफिसर कमाडिंग का प्रमाण पत्र देवें।
6. संचालनालय रोजगार एवं प्रषिक्षण के अधीनस्थ विभागीय कर्मचारी/अधिकारी के पुत्र/पुत्री होने का प्रमाण पत्र कार्यालय प्रमुख द्वारा जारी किया हो।
7. पंजीकृत अनाथ आश्रम का प्रमाण पत्र (जिलाध्यक्ष कार्यालय द्वारा जारी किया गया हो)।
8. विधवा/तलाकशुदा होने से संबंधित प्रमाण पत्र ।

फ्री सीट में मेरिट के आधार पर प्रवेश हेतु चयन:-
1. उच्चतर माध्यमिक परीक्षा पुराना 11 वीं बोर्ड हाईस्कूल 10+2 के अंतर्गत परीक्षा उत्तीर्ण की अंकसूची।
2. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र शासन द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा दिया हुआ।
3. फिजिकल हैंडिकेप्ड अपंग आवेदकों को अपंगता प्रमाण पत्र पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा निर्धारित प्रपत्र में जिला मेडिकल बोर्ड अथवा अस्थि रोग विशेषज्ञ द्वारा दिया हुआ।
4. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अथवा उनके पुत्र/पुत्रियों/पौत्र/नाती/नातिन से संबंधित प्रमाण पत्र जिलाध्यक्ष द्वारा प्रदाय किया हुआ हो। इस नियम के प्रयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी से तात्पर्य यह है्र कि उसका नाम छत्तीसगढ़ राज्य के संबंधित जिले के कलेक्टरेट में रखी हुई सूची में पंजीकृत है।
5. भूतपूर्व सैनिक अथवा उस पर आश्रित पुत्र/पुत्री के प्रकरण में जिला सैनिक बोर्ड द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र। कार्यरत सैनिक अपने यूनिट के आफिसर कमाडिंग का प्रमाण पत्र देवें।
6. संचालनालय रोजगार एवं प्रषिक्षण के अधीनस्थ विभागीय कर्मचारी/अधिकारी के पुत्र/पुत्री होने का प्रमाण पत्र कार्यालय प्रमुख द्वारा जारी किया हो।
7. पंजीकृत अनाथ आश्रम का प्रमाण पत्र (जिलाध्यक्ष कार्यालय द्वारा जारी किया गया हो)।
8. विधवा/तलाकशुदा होने से संबंधित प्रमाण पत्र । 1. प्रवेश हेतु प्रावीण्यता सूची, सभी प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच उपरांत वर्गवार व्यवसाय के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की अंकसूची में दर्शाये प्राप्तांक प्रतिशत के आधार पर बनाई जावेगी एवं प्रावीण्यता के आधार पर प्रवेश दिया जावेगा। 2. समान अंक प्राप्त करने वाले आवेदकों में जिस आवेदक की उम्र ज्यादा होगी, उसे प्रावीण्यता सूची में वरीयता दी जायेगी 3. प्रवेश निर्धारित आरक्षण के अनुसार प्रावीण्यता के आधार पर किया जावेगा।
पेमेन्ट सीट में मेरिट के आधार पर प्रवेश हेतु चयन
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में स्वीकृत स्थानों के अतिरिक्त इंजीनियरिंग व्यवसायों में 30 प्रतिशत एवं नान-इंजीनियरिंग व्यवसायों में 30 प्रतिशत स्थान पेमेन्ट सीट के अंतर्गत भरे जायेंगे। 1. पेमेन्ट सीट में प्रवेश के लिए कोई आरक्षण नहीं है। 2. पेमेन्ट सीट में प्रवेश हेतु प्रवेश आवेदन फार्म में अपनी सहमति देने वाले आवेदकांे को ही पेमेन्ट सीट में प्रावीण्यता के आधार पर प्रवेश की पात्रता होगी। 3. पेमेन्ट सीट में प्रवेश के लिए सहमति देने वाले आवेदकों का प्रावीण्यता के आधार पर फ्री सीट में चयन हो सकेगा। प्रवेशित प्रशिक्षणार्थियों को देय छात्रवृत्ति 1. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में स्वीकृत स्थानों या प्रवेशित में जो कम हो, का 33.33 प्रतिशत प्रशिक्षणार्थियों को गरीबी रेखा के आधार पर रूपये 100/- प्रतिमाह की दर से प्रदान की जाती है। 2. अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रशिक्षणार्थियों को अनुसूचित जाति/जनजाति विभाग द्वारा निर्धारित दर पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। 3. निर्धारित प्रतिशत में प्रशिक्षणार्थियों को विशेष योग्यता छात्रवृत्ति रूपये 125/- प्रतिमाह की दर से दी जाती है। 4. अंपग प्रशिक्षणार्थियों को राज्य शासन के पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति समय-समय पर निर्धारित दर से प्रदान की जाती है। 5. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में स्वीकृत स्थानों या प्रवेशित में जो कम हो, का 33.33 प्रतिशत प्रशिक्षणार्थियों को गरीबी रेखा के आधार पर रूपये 100/- प्रतिमाह की दर से प्रदान की जाती है।
अवकाश संबंधी जानकारी
संस्था में प्रशिक्षणरत प्रशिक्षार्थियों को निम्ननुसार अवकाष की पात्रता होती हैः- 1. माह में प्रत्येक रविवार, द्वितीय, तृतीय शनिवार एवं राज्य शासन द्वारा घोषित शासकीय अवकाष एवं जिला प्रषासन द्वारा घोषित अवकाष। 2. आकस्मिक अवकाषः- पूरे वर्ष में 12 दिनों का आकस्मिक अवकाष की पात्रता है। दो वर्षीय व्यवसाय के प्रषिक्षण में दूसरे वर्ष भी 12 दिनों का आकस्मिक अवकाश की पात्रता है। परन्तु प्रथम वर्ष शेष बचे अवकाश द्वितीय वर्ष के अवकाष के साथ नहीं जोडे जावेगें। आकस्मिक अवकाश अन्य अवकाश के साथ समायोजित नहीं किये जावेंगे। 3. चिकित्सा अवकाशः- 1. लघु चिकित्सा अवकाशः- एक वर्षीय व्यवसायों के लिए 7 दिवस एवं 2 वर्षीय व्यवसायों के लिए 15 दिवस अवकाश की पात्रता है। 2. दीर्घ चिकित्सा अवकाषः- एक वर्षीय व्यवसायों के लिए अधिकतम 3 सप्ताह एवं 2 वर्षीय व्यवसायों के लिए अधिकतम 6 सप्ताह यह अवकाष एक ही बार में स्वीकृत किया जाता है। 4. विषेष अवकाषः- आवष्यक कार्य/बीमारी हेतु 10 दिनों के लिए विषेष अवकाश जो एक वर्षीय व्यवसायों के लिए अधिकतम 15 दिवस एवं 2 वर्षीय व्यवसायों के लिए अधिकतम 30 दिवस बढ़ाया जा सकता है।
स्थानांतरण के नियम
1. जिस संस्था में प्रशिक्षणार्थी स्थानांतरण चाहते है उस संस्था में स्थानांतरण के पश्चात स्वीकृत स्थान से अधिक प्रशिक्षणार्थी होने पर स्थानान्तर नहीं किये जायेंगे। 2. जिस संस्था में प्रशिक्षणार्थी स्थानांतरण चाहता है, उस संस्था में उस वर्ग/श्रेणी में अंतिम प्रवेश दिये गये प्रशिक्षणार्थी के प्राप्तांको के प्रतिशत तक या उससे अधिक प्रतिशत होने पर ही स्थानांतरण किये जायेंगे। 3. प्रशिक्षणार्थियो के स्थानांतरण प्रवेश समाप्त होने के तीन माह के अंदर तक किये जा सकेंगे। 4. शासकीय अधिकारी/कर्मचारी के स्थानांतरण होने पर उनके पुत्र/पुत्रियों का स्थानांतरण संस्थाओं में स्थान रिक्त होने पर ही किये जा सकेंगे। 5. उक्त बिन्दुओं का ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षणार्थियों के स्थानांतरण प्रकरण संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय अपनी अनुशंसा के साथ संचालनालय को प्रेषित करेंगें। संचालनालय द्वारा परीक्षण कर आदेश जारी किये जायेगें। यदि प्रशिक्षणार्थियों को स्थानांतरण से संभाग परिवर्तित होता है तो उस संभाग के संयुक्त संचालक संबंधित संस्था के प्रभार क्षेत्र के संयुक्त संचालक से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर अनुशंसा के साथ स्थानांतरण हेतु प्रकरण संचालनालय प्रेषित करेंगे। 6. विशेष परिस्थितियों में संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण के द्वारा नियमों को शिथिल करते हुए स्थानान्तरण किए जा सकेंगे। 7. पेमेन्ट सीट पर प्रवेशित प्रशिक्षणार्थियों का स्थानांतरण नहीं होगा। अनुशासन एवं शर्ते संस्था के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा अनुशासन भंग किये जाने पर उनके विरूद्व प्राचार्य/अधीक्षक द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकेगी, जो कि * निलंबन * निष्कासन * परीक्षा में सम्मिलित होने से रोकना इत्यादि हो सकती है। 1. प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को संस्था में निर्धारित गणवेश (यूनिफार्म) स्मोक ग्रे रंग का पेंट एवं शर्ट (आधी बाॅह)/सलवार कुर्ता/साड़ी प्रतिदिन पहन कर प्रशिक्षण में उपस्थित होना अनिवार्य है। 2. एक माह की अवधि तक प्रवेश पूर्ण रूप से अस्थायी होगा एवं जिस प्रशिक्षणार्थी का प्रशिक्षण के प्रति रूझान नहीं पाया जावेगा, उन्हें बिना पूर्व सूचना के संस्था से मुक्त किया जा सकेगा। 3. (अ) एक भी दिवस अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर प्रशिक्षण अधिकारी द्वारा प्रशिक्षणार्थी को चेतावनी एवं पालक पिता को सूचना दी जायेगी। (ब) लगातार 10 दिवसों तक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर प्रशिक्षण अधीक्षक द्वारा निलंबन की कार्यवाही की जावेगी। (स) संस्था से निष्कासन एवं परीक्षा में सम्मिलित होने से रोकने के लिए प्राचार्य अधिकृत होंगे। प्रत्येक प्रकरण में वे बोलता हुआ आदेश (स्पीकिंग आर्डर) जारी करेंगे। 4. प्रशिक्षण अवधि में संस्था प्रमुख द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों तथा निर्धारित नियमों का पालन प्रशिक्षणार्थियों को करना होगा। 5. प्रशिक्षण प्राप्त करते समय यदि प्रशिक्षणार्थी को कोई चोट हानि पहुॅचती है तो यह उसकी स्वयं की जिम्ममेदारी होती है। 6. प्रशिक्षणार्थियों के निष्कासन की अन्य स्थितियाॅः- 1. प्रवेश के समय अथवा इसके पश्चात भी चाही गयी आवश्यक जानकारी प्रमाण पत्र इत्यादि प्रस्तुत न करने पर 2. प्रस्तुत जानकारी/प्रमाण पत्र इत्यादि संस्था द्वारा गलत भ्रामक पाये जाने पर। (आवश्यकतानुसार प्रकरणों को उचित आगामी कार्यवाही हेतु भेजा जावेगा) 3. संस्था के कर्मशाला/छात्रावास/पठन-पाठन में लापरवाही, अनुशासनहीनता या दुराचरण करने पर। 4. प्रशिक्षणार्थी की उपस्थिति अथवा प्रशिक्षण में प्रगति असंतोषजनक होने पर अथवा अन्य किसी भी कारण से व्यवसायिक प्रशिक्षण हेतु अयोग्य पाये जाने पर। 5. आवेदक का प्रवेश के पूर्व अथवा प्रशिक्षण अवधि में पुलिस अथवा न्यायालय के किसी भी प्रकरण से संबंधित होना पाये जाने पर। 6. प्रवेश गलत होने की शिकायत, जाॅच में सही पाये जाने पर प्रवेश निरस्त किया जावेगा। 7. अपील की स्थितियां:-प्रवेश इत्यादि संबंधी शिकायत, निष्कासन आदि की अपील, संयुक्त संचालक (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थायें) क्षेत्रीय कार्यालय को सामान्यतः एक माह के अंदर प्राप्त होने पर विचार किया जा सकेगा। प्रशिक्षणार्थी/अपीलकर्ता हेतु संयुक्त संचालक का निर्णय अंतिम एवं बन्धनकारक होगा।
परीक्षा से संबंधित जानकारी
1. शैक्षणिक सत्र पूर्ण होने पर प्रत्येक वर्ष जुलाई एवं फरवरी माह में अंतिम/पूरक परीक्षा होती है, जो अखिल भारतीय व्यवसायिक परीक्षा के नाम से जानी जाती है। जिन व्यवसायों/संस्थाओं को एन0सी0व्ही0टी0 से मान्यता प्राप्त नहीं होती है उनकी अगस्त/फरवरी माह में एस0सी0व्ही0टी0 द्वारा परीक्षा ली जायेगी। 2. यह परीक्षा राष्ट्रीय व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद् भारत शासन श्रम मंत्रालय नई दिल्ली तथा स्टेट बोर्ड आफ एक्जामिनेशन जन शक्ति नियोजन विभाग छ0ग0 शासन द्वारा ली जाती है। 3. उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थिओं को राष्ट्रीय/राज्य व्यवसायिक प्रमाण पत्र दिया जाता है, जिसकी मान्यता पूरे देश/राज्य के विभागों एवं उद्योगों में है। 4. नियमित प्रशिक्षणार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति एवं प्रायोगिक में 60 प्रतिशत तथा प्रत्येक विषय 40 प्रतिशत सेशनल अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। 5. व्यवसाय में प्रायोगिक परीक्षा के अतिरिक्त ट्रेड थ्योरी, इंजीनियरिंग ड्राईंग, वर्कशाप केलकुलेशन एण्ड सांइस तथा सोशल स्टडीज की परीक्षायें भी होती है, जिसमें अलग-अलग उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। 6. प्रायोगिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत तथा अन्य प्रश्न पत्रों में 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। 7. अनुत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों को उत्तीर्ण होने के लिए तीन वर्ष में केवल 6 अवसरों तक ही प्रावधान है। 8. राष्ट्रीय/राज्य व्यवसायिक परीक्षा में सम्मिलित होने वाले प्रशिक्षणार्थियों को निम्न दर से परीक्षा शुल्क जमा करना होगा। (क) नियमित प्रशिक्षणार्थी - रूपये 100/- (ख) भूतपूर्व प्रशिक्षणार्थी - रूपये 150/- (ग) रजिस्ट्रेशन शुल्क - रूपये 10/-